मंत्रालय में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, दुर्ग पुलिस ने पिता–पुत्र को दबोचा, एक आरोपी फरार

दुर्ग |दुर्ग जिले की अंजोरा चौकी पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ करते हुए मंत्रालय में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले पिता–पुत्र को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने अब तक करीब 70 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। पुलिस ने इस मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश शुरू कर दी है, जो फिलहाल फरार है।
पुलिस के अनुसार, ग्राम चिरवार निवासी संतराम देशमुख ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी भेषराम देशमुख और उसके पुत्र रविकांत देशमुख ने अपने साथी अरुण मेश्राम (राजनांदगांव निवासी) के साथ मिलकर मंत्रालय में नौकरी लगाने का झांसा देकर उससे 5 लाख रुपये लिए थे। चपरासी की नौकरी के लिए 2.50 लाख और बाबू के पद के लिए 4 लाख रुपये तक वसूले जाते थे।
जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों ने अब तक 12 लोगों से ठगी की है। आरोपीगण ने कबूल किया कि उन्होंने धोखाधड़ी से प्राप्त रकम में से लगभग 20 लाख रुपये अपने पास रखे और ग्राम कुथरेल में 12 लाख रुपये का प्लॉट खरीदा। शेष राशि पिता–पुत्र ने व्यक्तिगत खर्च में उड़ा दी।
अंजोरा चौकी प्रभारी संतोष कुमार साहू व टीम ने आरोपियों को दुर्ग बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से प्लॉट की रजिस्ट्री, बैंक पासबुक और एक डायरी जब्त की गई है।
गिरफ्तार आरोपी –
- भेषराम देशमुख (62 वर्ष), निवासी ग्राम चिरचार, जिला बालोद (वर्तमान पता – वेटनरी कॉलेज कैंपस, अंजोरा)।
- रविकांत देशमुख (32 वर्ष), निवासी वही।
- फरार आरोपी –
अरुण मेश्राम, निवासी राजनांदगांव। - पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।
अंजोरा पुलिस की इस कार्रवाई में प्रभारी संतोष कुमार साहू समेत सूरज पांडेय, राकेश सिंह, टोमन देशमुख, बृजमोहन सिंह और योगेश चंद्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।














